!! अष्टविनायक !!

1. गणेशजी को तुलसी का पत्र छोड़कर सब पत्र प्रिय हैं | भैरव की 
पूजा में तुलसी का ग्रहण नही है|
2. कुंद का पुष्प शिव को माघ महीने को छोडकर निषेध है |
3. बिना स्नान किये जो तुलसी पत्र जो तोड़ता है उसे देवता स्वीकार नही करते |
4. रविवार को दूर्वा नही तोडनी चाहिए |
5. केतकी पुष्प शिव को नही चढ़ाना चाहिए |
6. केतकी पुष्प से कार्तिक माह में विष्णु की पूजा अवश्य करें |
7. देवताओं के सामने प्रज्जवलित दीप को बुझाना नही चाहिए |
8. शालिग्राम का आवाह्न तथा विसर्जन नही होता |
9. जो मूर्ति स्थापित हो उसमे आवाहन और विसर्जन नही होता |
10. तुलसीपत्र को मध्याहोंन्त्तर ग्रहण न करें |
11. पूजा करते समय यदि गुरुदेव ,ज्येष्ठ व्यक्ति या पूज्य व्यक्ति आ जाए
तो उनको उठ कर प्रणाम कर उनकी आज्ञा से शेष कर्म को समाप्त करें |
12. मिट्टी की मूर्ति का आवाहन और विसर्जन होता है और अंत में शास्त्रीय
विधि से गंगा प्रवाह भी किया जाता है |
13. कमल को पांच रात ,बिल्वपत्र को दस रात और तुलसी को ग्यारह रात
बाद शुद्ध करके पूजन के कार्य में लिया जा सकता है |
14. पंचामृत में यदि सब वस्तु प्राप्त न हो सके तो केवल दुग्ध से स्नान
कराने मात्र से पंचामृतजन्य फल जाता है |
15. शालिग्राम पर अक्षत नही चढ़ता | लाल रंग मिश्रित चावल चढ़ाया 
जा सकता है |....