!! दीपो का पर्व !!

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी सोमवार 9 नवंबर को धनतेरस है। धनतेरस या धन त्रयोदशी के मौके पर कुबेर, यम की पूजा के साथ खरीद-बिक्री शुभ फलदायी होती है। खासकर सोना, चांदी की खरीदारी काफी शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि धनतेरस पर की गई किसी भी वस्तु की खरीदारी में तेरह गुना वृद्धि होती है।
व्यापार-सौभाग्य में वृद्धि
इस बार धनतेरस पर खास लक्ष्मी और महालक्ष्मी का योग भी बन रहा है। आचार्य पीके युग के मुताबिक धनतेरस के दिन सिंह-गुरु के साथ चतुग्रही योग बन रहा है। ऐसा संयोग विरले ही बनता है। कन्या राशि में सिंह, गुरु के साथ मंगल, राहू, शुक्र और चंद्रमा एक साथ रहेंगे। शुक्र और चंद्रमा के मिलन से लक्ष्मी योग और मंगल-चंद्रमा से महालक्ष्मी का योग बन रहा है। ऐसे संयोग से व्यापार चमकेगा और सौभाग्य में ज्यादा वृद्धि होगी।
जड़ी-बूटी संग्रह शुभ
आचार्य बैद्यनाथ झा शास्त्री के मुताबिक धनतेरस पर जड़ी-बूटी संग्रह करना चाहिए। इस दिन मेष, सिंह राशि वाले आक की जड़, वृष और तुला राशि वाले पलाश की जड़, मिथुन और कन्या चिड़चिड़ी, कर्क पलाश, धनु और मीन राशि वालों के लिए पीपल और मकर, कुंभ राशि वाले समी और वृश्चिक राशि के लोगों के लिए खैर की जड़ संग्रह करना शुभ रहेगा।
झाड़ू खरीदने की भी परंपरा
धनतेरस पर साफ-सफाई का खास महत्व होता है। मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घरों को साफ किया जाता है। धनतेरस के दिन घरेलू उपभोग के सामानों के साथ झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है। इस दिन गरीब से गरीब लोग कुछ खरीदें या न खरीदें पर झाड़ू की खरीदारी जरूर करते हैं।
राशि के हिसाब से कर सकते हैं खरीदारी 
मेष, सिंह- माणिक, गार्नेट, सोना, तांबा, चटक लाल, पीले वस्त्र और फ्रीज।
वृष, तुला-  हीरा, श्वेत पोखराज, ओपेल, चांदी, स्टील, काला या नीला फर्नीचर।
मिथुन, कन्या- सोना, पन्ना, ऑनेक्स लैपटॉप, हरा या पीले रंग के टीवी, मोबाइल।
कर्क- मोती, मूनस्टोन, चांदी, स्टील के बर्तन।
धनु, मीन- पीला पोखराज, सोना, कांसा, पीतल, पीला-केसरिया पेन, डायरी, पर्स।
मकर, कुंभ- नीलम, नीली, जमुनिया, स्टील, लोहा,कंप्यूटर, मोबाइल काला या आसमानी रंग की गाड़ी, पर्स, जूता-चप्पल।
वृश्चिक- मूंगा, सोना, पीतल, मिट्टी की देव प्रतिमा। 
कुबेर पूजा और दीपदान पूजन का शुभ मुहूर्त
शाम 5.45 से रात 8.11 बजे तक, सुबह 10 से 11.30 बजे, दिन में 3 से शाम 6.30 बजे तक
धन त्रयोदशी भी :-
आचार्यों के मुताबिक धनतेरस को धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। इससे घरेलू उपयोग की सभी वस्तुएं, विभिन्न प्रकार के आभूषण, चांदी के पात्र और बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, विद्युत उपकरण आदि खरीदना अति शुभ होता है।