भगवान राम

राम का जन्म कब हुआ था? भारत और दुनिया के इतिहासकार भले ही अब तक इस सवाल के जवाब को असंभव बताते आए हों, पर अब एक वैज्ञानिक शोध के संस्थान ने यह तारीख पता कर ली है। 

 
 


'यूनीक एक्सिबिशन ऑन कल्चरल कंटिन्युटी फ्रॉम ऋग वेद टू रोबॉटिक्स' नामक प्रदर्शनी में ऐसे ही मुश्किल सवालों के जवाब दिए गए हैं। इसके मुताबिक राम 5114 ई. पूर्व 10 जनवरी को 12.05 बजे पैदा हुए थे। महाभारत का युद्ध 3139 ई. पूर्व 13 अक्टूबर को शुरू हुआ था और 5076 ई. पूर्व 12 सितंबर को हनुमान पहली बार सीता से अशोक वाटिका में मिले थे।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने कहा है कि उनका मंत्रालय इन सूचनाओं को संज्ञान में लेगा। उन्होंने बताया कि इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। शर्मा का कहना था, 'मैंने एक्सिबिशन में करीब डेढ़ घंटे बिताए। यह समय काफी अच्छा बीता। वहां पर ऐसा काफी कुछ ऐसी अच्छी चीजें थीं, जो आपका ध्यान खींचती हैं।' 

इंस्टिट्यूट की डायरेक्टर सरोज बाला का कहना था कि यह तारीखें शोध के बाद एक सॉफ्टवेयर की मदद से तय की गई हैं। उन्होंने कहा, 'तारीखें तय करने के लिए ऋग वेद, रामायण, महाभारत में उल्लेख की गई घटनाओं से जानकारियां ली गई हैं।' प्रदर्शनी ललित कला अकैडमी में थी और शोध संस्थान ने अपनी जानकारियां संस्कृति मंत्रालय को भेजी हैं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन महेश शर्मा ने ही गुरुवार को किया था। इस मौके पर आरएसएस के जॉइंट सेक्रटरी कृष्ण गोपाल के साथ मौजूद शर्मा का कहना था, 'महाभारत और रामायण के अस्तित्व पर आरोप और सवाल उठाए जाते रहे हैं। यह प्रदर्शनी इन चीजों को वैज्ञानिक आधार प्रदान करती है।' 

इस मौके पर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल राकेश तिवारी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर दिनेश सिंह को भी बुलाया गया था, पर वे नहीं आए। सरोज बाला का कहना था, 'हम मानव संसाधन और विकास मंत्री स्मृति ईरानी के स्वागत के लिए काफी उत्ससुक थे, पर उन्होंने निमंत्रण का जवाब नहीं दिया।' उन्होंने उम्मीद जताई कि संस्कृति मंत्रालय इन जानकारियों को अपने संज्ञान में लेगा।