US ने टेस्ट किया पहला वैक्सीन, 12-18 महीनों में बड़े पैमाने पर होगा उपलब्ध
जानलेवा कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप से बढ़ रही मौत की खबरों के बीच अमेरिका (America) ने कोरोना के पहले वैक्सीन (Vaccine) का ट्रायल किया है. इस दौरान वैज्ञानिकों ने पहले शख्स को वैक्सीन की पहली डोज (Vaccine Doze) दी है. सिएटल (Seattle) के कैसर परमानेंट वाशिंगटन हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट (Kaiser Permanente Washington Research Institute ) ने इस वैक्सीन को विकसित किया है.

न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, सिएटल (Seattle) में कैसर परमानेंट वाशिंगटन रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने रिकॉर्ड समय में कोरोना वायरस का वैक्सीन ( Covid-19 Vaccine) विकसित करने का दावा किया, जिसका सोमवार को पहला ट्रायल किया गया. इसमें एक वॉलंटियर की बाजू में वैक्सीन की पहली डोज इंजेक्ट की गई.

कैसर परमानेंटे की स्टडी लीडर डॉ. लिसा जैक्सन (Dr. Lisa Jackson ) ने कहा, "हम टीम कोरोना वायरस हैं." उन्होंने कहा कि हर कोई चाहता है कि वे इस आपातकाल में जो कर सकता है वो करे.

वैक्सीन की पहली डोज एक छोटी टेक कंपनी के ऑपरेशन मेनेजर को दी गई है. इसके अलावा अभी 45 वॉलंटियर्स को एक महीने में इसकी दो डोज दी जाएंगी. सिएटल की एक महीला ने कहा कि हम बहुत ही असहाय महसूस कर रहे थे. यह हमारे लिए एक शानदार मौका है.

12 से 18 महीने में मिल पाएगा वैक्सीन

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH USA) के डॉ. एंथोनी फौसी (Dr. Anthony Fauci) ने कहा कि सोमवार को शुरू हुआ यह अभियान वैक्सीन की जांच के लिए शुरुआती कदम है. इससे हमें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि वैक्सीन (Vaccine) लोगों पर सही काम कर रहा है या नहीं. उन्होंने कहा कि अगर यह रिसर्च ठीक तरह से भी चली तो भी बड़े पैमाने पर वैक्सीन उपलब्घ कराने में करीब 12 से 18 महीने लग जाएंगे.