ऋचा भारती को अब कुरान नहीं बांटना होगा। अदालत ने जमानत की इस शर्त को वापस ले लिया है। बुधवार को केस के आइओ विनोद राम ने सहायक लोक अभियोजक मीनाक्षी कुंडुलना के माध्यम से न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत में इस संबंध में आवेदन दिया। इसमें आग्रह किया गया था कि कुरान बांटने का आदेश वापस ले लिया जाए। इस शर्त को पूरा करने में परेशानी हो रही है। 
सहायक लोक अभियोजक ने भी इसका समर्थन किया। आग्रह को स्वीकार करते हुए अदालत ने कुरान बांटने की शर्त को आदेश से हटा लिया। इससे पूर्व जिला बार एसोसिएशन के सचिव कुंदन प्रकाशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने न्यायायुक्त नवनीत कुमार से मिल कर न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह के तबादले की मांग की। 
कुरान बांटने के फैसले के विरोधस्वरूप बार एसोसिएशन ने न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत का 48 घंटे के बहिष्कार का ऐलान किया था।
क्या था मामला 
सोशल साइट पर धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने के मामले में रांची के पिठोरिया की ऋचा भारती को जेल भेज दिया गया था। ऋचा की जमानत पर सुनवाई करते हुए न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार की अदालत ने 15 जुलाई को पांच कुरान बांटने की शर्त जोड़ दी थी। ऋचा को 15 दिनों के अंदर पांच कुरान बांटने का आदेश दिया गया था। एक कुरान शिकायतकर्ता अंजुमन कमेटी, पिठोरिया और चार अन्य प्रति सरकारी शिक्षण संस्थानों को दिया जाना था। 
सनातन संघ ने पांच गीता बांटने की अपील की 
विश्व सनातन संघ के सदस्य ऋचा के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पांच कुरान बांटने से बढिय़ा है कि पांच गीता बांटा जाए। बुधवार को पिठोरिया से आए सनातन संघ के सदस्यों ने इस दौरान ऋचा को गीता की पांच प्रति भेंट की। इस दौरान संघ के सदस्यों ने कहा कि पांच कुरान बांटने से अच्छा है कि गीता की पांच प्रति बांटी जाए।