भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग के साथ टिकट कैंसल करके भी मोटी कमाई की है। यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत सामने आई है। आरटीआई के हवाले से जानकारी मिली है कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2018-19 में टिकट कैंसल किए जाने से 1,536.85 करोड़ रुपये की कमाई की है। आरटीआई कार्यकर्ता ने रेलवे से यह जानकारी भी मांगी है कि क्या रेलवे टिकट कैंसल किए जाने के बदले यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्क को कम करने पर विचार कर रहा है? रेलवे ने इस सवाल का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) के तहत बुक यात्री टिकटों को रद्द कराए जाने से रेलवे ने 18.23 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। गौड़ ने अपनी आरटीआई अर्जी में रेलवे से यह भी जानना चाहा था कि क्या टिकट रद्द करने के बदले यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्क को घटाने के किसी प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है? आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा, 'इस सवाल के जवाब का मुझे अब तक इंतजार है। रेल टिकट रद्द करने के बदले यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्क को व्यापक जनहित में जल्द घटाया जाना चाहिये।' 
ट्रेन टिकट कैंसिल करने के नियम जानिए :-
(1) चार्ट तैयार होने के 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर फर्स्ट क्लास के लिए कैंसिलेशन चार्ज 240 रुपये, सेकेंड एसी के लिए 200 रुपये, थर्ड एसी और चेयर कार के लिए 180 रुपये और स्लीपर क्लास के लिए कैंसिलेशन चार्ज 120 रुपये है. सेकंड क्लास सीटिंग के लिए यह 60 रुपये है.
(2) चार्ट तैयार करने के 12 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर टिकट अमाउंट का 25 फीसदी या फिर ऊपर दिए गए कैंसिलेशन चार्ज में जो ज्यादा होगा वह काटा जाएगा. ट्रेन के रवाना होने से 4 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर 50 फीसदी कैंसिलेशन चार्ज काटा जाता है. उसके बाद टिकट कैंसिल कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलता है. यह कैंसिलेशन चार्ज कंफर्म ऑनलाइन टिकट के लिए है.
(3) अगर आपके पास RAC या वेटिंग ऑनलाइन टिकट है तो डिपार्चर टाइम के आधे घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर 60 रुपये कट जाएंगे. अगर आपने कुछ लोगों का एक साथ टिकट कटाया है और कुछ टिकट कंफर्म हो गए हैं, और कुछ टिकट कंफर्म नहीं हुए हैं तो ऐसी परिस्थिति में आधे घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर बिना कंफर्म वाले टिकट पर पूरा रिफंड मिलेगा. जो टिकट कंफर्म हो गए हैं उन पर थोड़ा कम कैंसिलेशन चार्ज काटा जाएगा
(4) अगर चार्ट तैयार हो जाता है तब टिकट कैंसिलेशन के नियम अलग हैं. ई-टिकट चार्ट तैयार होने के बाद कैंसिल नहीं होता है. रिफंड के लिए यात्री को ऑनलाइन TDR फाइल करना होगा. ट्रेन के रवाना होने के चार घंटे के भीतर अगर आप टिकट कैंसिल नहीं कराते हैं और TDR भी फाइल नहीं करते हैं तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा.
(5) अगर आपने तत्काल टिकट लिया है और इसे कैंसिल कराते हैं तो इसमें कोई रिफंड नहीं मिलता है. रिफंड मिलने की एक ही शर्त है, अगर ट्रेन अपने समय से तीन घंटे से ज्यादा देरी से चल रही हो.