अब 50000 रुपये से ज्यादा के कैश ट्रंजेक्शन के लिए पैन कार्ड के बजाय आधार कार्ड का इस्तेमाल हो सकेगा. इसके अलावा अब आधार का इस्तेमाल उन सभी उद्देश्यों के लिए हो सकेगा, जहां आम तौर पर पैन जरूरी है. यह जानकारी रेवेन्यु सेक्रेटरी अजयु भूषण पांडे ने दी. पांडे ने कहा कि बैंकों व अन्य इंस्टीट्यूशंस जहां पैन का उल्लेख करना अनिवार्य है, वहां आधार स्वीकार करने के लिए बैकएंड अपग्रेड्स करेंगे.

बता दें कि बजट 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए पैन और आधार को इंटरचेंजेबल बनाने का प्रस्ताव रखा. साथ ही आईटीआर फाइल करने के लिए पैन की बजाय आधार इस्तेमाल करने का भी प्रस्ताव दिया गया. यह भी कहा गया कि अब जहां भी पैन का उल्लेख करने की जरूरत है, वहां आधार नंबर के जरिए काम चलाया जा सकता है.

काले धन पर लगाम लगाने के लिए 50000 रुपये से ज्यादा के कैश ट्रांजेक्शन जैसे होटल या विदेश यात्रा बिल के लिए पैन को उल्लिखित करना अनिवार्य है. इसके अलावा 10 लाख रुपये से ज्यादा की अचल संपत्ति की खरीद पर भी पैन देना होता है.

22 करोड़ पैन-आधार हैं लिंक

पांडे ने कहा कि इस वक्त 22 करोड़ पैन कार्ड आधार से लिंक्ड हैं. देश में 120 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार है. अगर कोई पैन कार्ड चाहता है तो उसे पहले आधार का इस्तेमाल करना होता है, पैन जनरेट करना होता है, तब इसका इस्तेमाल वह शुरू करता है. अब आधार के चलते उसे पैन जनरेट करने की जरूरत नहीं होगी.

यह पूछे जाने पर कि क्या आधार का इस्तेमाल बैंक अकाउंट में 50000 रुपये से ज्यादा के कैश डिपाॅजिट या विदड्राॅल में पैन के बदले किया जा सकता है, उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है.

पैन नहीं होगा पूरी तरह खत्म

यह पूछे जाने पर कि क्या पैन का इस्तेमाल खत्म हो जाएगा, उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होगा क्योंकि लोगों के पास जरूरत की जगह पर या तो पैन या फिर आधार नंबर देने का विकल्प होगा. कुछ लोग पैन देने को सुविधाजनक मानते हैं तो कुछ आधार देने को. इसलिए पैन और आधार दोनों रहेंगे. लेकिन बैकएंड में हर पैन की जगह आधार होगा.