ये चमत्कार राज्य सभा में हुआ। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे का साथ देकर कांग्रेस और सीपीएम दोनो को पटखनी दे दी।ये मसला एक चुनाव का था जो ESIC यानि इंप्लायी स्टेट इंश्योरेंस कार्पोरेशन की खातिर होना था। इस कार्पोरेशन में एक सदस्य राज्यसभा से भी होता है। अभी तक तृणमूल कांग्रेस के देबव्रता बंधोपाध्याय राज्यसभा की ओर से इस कार्पोरेशन में थे। मगर उनके रिटायर होने के बाद ये सीट खाली हो गई। मगर कांग्रेस ने यहां टांग अडा दी और अपने उम्मीदवार प्रदीप भट्टाचार्य को मैदान में उतार दिया। टीएमसी ने डोला सेन को चुनाव में उतारा। चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस के होश फाख्ता कर दिए।राज्यसभा में टीएमसी के कुल 13 सदस्य हैं मगर उसे इसका करीब सात गुना यानि कुल 90 वोट मिले। कांग्रेस को सिर्फ 46 वोटों से संतोष करना पड़ा जबकि सीपीएम के उम्मीदवार को केवल 8 वोट ही मिले। राज्यसभा में बीजेपी के 78 सदस्य हैं। इस तरह से बीजेपी की मदद से टीएमसी ने शानदार जीत हासिल की।