लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 15 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस के इस कदम से सबसे ज्यादा चिंता समाजवादी पार्टी (एसपी), बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और राष्‍ट्रीय लोकदल के महागठबंधन को हो सकती है। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि एसपी-बीएसपी ने आपस में सीटें बांट ली हैं। कांग्रेस ने जिन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं, उनमें रायबरेली और अमेठी को छोड़ दें तो कुल नौ सीटों पर एसपी-बीएसपी को मुश्किल हो सकती है। 
11 में से पांच लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जो बीएसपी के हिस्से में गई हैं। चार लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जो एसपी के खाते में गई हैं। इन सब पर कांग्रेस ने अपने बड़े नेताओं को मैदान में उतारा है। ऐसे में अगर कांग्रेस भी एसपी-बीएसपी गठबंधन में शामिल होती है तो ज्यादा नुकसान बीएसपी को उठाना पड़ सकता है। एसपी के कोटे की चार सीटों पर भी कांग्रेस ने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। हालांकि अगर तीनों पार्टियां साथ आती हैं, तब एसपी बदायूं की सीट नहीं छोड़ेगी क्योंकि वहां से अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव सांसद हैं। 
2009 में जीती सीटों पर कांग्रेस ने उतारे कैंडिडेट 
कहा जा रहा है कि एसपी-बीएसपी के बीच 2014 के चुनाव नतीजों की बजाए 2009 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर टिकट का बंटवारा हुआ है। अब कांग्रेस ने भी लगभग इसी आधार पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। 11 में कुल आठ सीटें ऐसी हैं, जिनपर 2009 के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार जीते थे। 2009 और 2014 में कांग्रेस उम्मीदवार सहारनपुर में चुनाव नहीं जीत सके थे। इसके बावजूद इमरान मसूद सहारनपुर सीट से एसपी-बीएसपी को मुश्किल में डाल सकते हैं। 
कांग्रेस ने जिस हिसाब से प्रदेश में अपने बड़े नेताओं को इन सीटों पर उतारा है, उससे तो यही लग रहा है कि वह फ्रंटफुट पर आ गई है। कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के उतरने से एसपी-बीएसपी इस बात पर मजबूर हो सकती हैं कि कांग्रेस को गठबंधन में शामिल कर लिया जाए। अगर गठबंधन में कांग्रेस को जगह नहीं मिलती है तो इसका फायदा बीजेपी को होगा। इसके पीछे वजह यह है कि 9 में से पांच सीटों पर बीएसपी को चुनाव लड़ना है। माना जाता है कि कांग्रेस और बीएसपी दोनों ही मुस्लिम, दलित और ब्राह्मण वोटों को प्रभावित करती हैं। ऐसे में अगर मामला त्रिकोणीय हुआ तो वोट बंटेंगे और फायदा सत्ताधारी दल बीजेपी को होगा। 

लोकसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की 11 और गुजरात की चार सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। यूपी की इन 11 सीटों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी रायबरेली, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सलमान खुर्शीद फर्रुखाबाद से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। इसके अलावा कुशीनगर से आरपीएन सिंह, सहारनपुर से इमरान मसूद, बदायूं से सलीम इकबाल शेरवानी, धौरहरा से जतिन प्रसाद, उन्नाव से अनु टंडन, अकबरपुर से राजाराम पाल, जालौन से बृजलाल खबरी, फैजाबाद से पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री भरोसा जताया है।कांग्रेस ने पहली सूची में अहमदाबाद वेस्ट से राजू परमार (एससी) को उम्मीदवार बनाया है। आनंद से भरत सिंह सोलंकी, वड़ोदरा से प्रशांत पटेल, छोटा उदयपुर से रंजीत मोहन सिंह रथुआ पर भरोसा जताया है। 

सोशल मीडिया पर वायरल भाजपा की लोकसभा चुनाव के लिए 24 प्रत्याशियों की लिस्ट :http://10taknews.com/news_details.php?news_id=495
सहारनपुर से राघव लखनपाल, गाजियाबाद से वीके सिंह,मुज़फ्फरनगर से संजीव बालियान, बागपत से संगीत सोम, बिजनौर से कुंवर भारतेंद्र सिंह,रामपुर से नैपाल सिंह, संभल से सत्यपाल सिंह सैनी, मेरठ से राजेंद्र अग्रवाल, कैराना से मृगांका सिंह,अमेठी से स्मृति ईरानी ,गौतमबुद्धनगर से नवाब सिंह नागर, बुलंदशहर (एससी) से भोला सिंह, अलीगढ़ से राजेश भारद्वाज, हाथरस (एससी) से रमेश चंद्र रतन, मथुरा से श्रीकांत शर्मा, आगरा (एससी) से रामशंकर कठेरिया, फतेहपुर सीकरी से हेमा मालिनी, फिरोजाबाद से एसपी सिंह बघेल, एटा से राजवीर सिंह , बदांयू से वागिश पाठक, बरेली से संतोष कुमार गंगवार,कानपुर से शौर्य डोभाल को उम्मीदवार बनाया गया है।