श्रीमद्भागवत प्रचार समिति द्वारा आयोजित भागवत कथा वे तीसरे दिन में भागवत आचार्य जय प्रकाश शास्त्री ने कहा कि मनुष्य की एक ही एेसी योनी है जिसके माध्यम से कठोर तप करके ठाकुर जी के दर्शन कर सकते हैं। अतः मनुष्य को नित्य प्रति भगवान का ध्यान जाप करना आवश्यक है।संत ने आगे कहा कि कलयुग का प्रभाव जहां लोगों के लिए पाप कारी है। वहीं भगवान की प्राप्ति के लिए एक अत्यन्त सुगम रास्ता भी है। जिससे मानव सुगमता से भगवान के परम धाम को प्राप्त कर सकता है। कलयुग को ये वरदान है कि अगर कोई व्यक्ति मन से भी अगर कलयुग में अच्छा सोचता है तो उसका पुण्य उसे प्राप्त होता है वहीं इसके विपरीत मन से सोचे हुए पाप का जीवआत्मा पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता। कलयुग में केवल राम नाम का स्मरण मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है। कथा में ध्रुव चरित्र, कपिलाख्यान और सती चरित्र  का विस्तार सहित वर्णन किया गया ! साथ ही बनारस से आये आचार्यो द्वारा भव्य गंगा आरती का आयोजन और पूजन किया गया ! गंगा आरती के यजमान मदनलाल कुम्हारिवाला, शिव कुमार मतानिया, नवीन नवीन जिंदल और रामफल जिंदल थे। कार्यकर्म के सहयोजक आनंद जैन ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ द्वारा चौथे दिन भरत कथा,अजमिलाख्यान और प्रह्लाद चरित्र का वर्णन किया जायेगा !