राज्यसभा की कार्रवाई के दौरान आज कांग्रेसी सासंदों का आक्रामक रुख जारी रहा। कांग्रेसी सांसद आनंद शर्मा की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद के कल के भाषण पर आपत्ति जतायी गयी, जिस पर अन्य कांग्रेसी सांसदों ने जमकर हंगामा किया।

आनंद शर्मा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद के भाषण में महात्मा गांधी के साथ दीन दयाल उपाध्याय की तुलना करने का मुद्दा उठाया। दरअसल कल रामनाथ कोबिंद ने राष्ट्रपति की शपथ ली थी और इस दौरान दिए भाषण में उन्होंने महात्मा गांधी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय का जिक्र किया था।

इससे पहले कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद की ओर से राष्ट्रपति भाषण पर आपत्ति जताते हुए उनके शपथ ग्रहण के भाषण को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति ने अपने भाषण में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का नाम नहीं लिया,जबकि उनके कैबिनेट में शामिल अन्य मंत्रियों का नाम लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति कोविंद को ध्यान रखना चाहिए था कि वो अब भाजपा के सदस्य नहीं रहे।

राज्यसभा की तरह ही लोकसभा में भी कांग्रेस समेत विपक्षी दल हंगामे का रुख अख्तियार किए हुए हैं, जिसके तहत उन्होंने सुषमा स्वराज को लोकसभा में मोसुल में लापता भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर बोलने नहीं दिया। इससे पहले हंगामा करने वाले छह कांग्रेसी सांसदों को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था।

जिसका कांग्रेस और टीएमसी समेत कई दलों ने विरोध किया और स्पीकर से निलंबन वापस लिये जाने का अनुरोध किया। कांग्रेसी सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर कहा था कि स्पीकर को अपना आपा नहीं खोना चाहिए था। उन्होंन कहा कि मीरा कुमार के लोकसभा स्पीकर रहते हुए ऐसा कभी नहीं हुआ।

बता दें कि किसानों की आत्महत्या, समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग और कृषि बीमा योजना को लेकर उठे सवालों पर आज कृषि मंत्री राधामोहन सिंह दोपहर 3 बजे राज्यसभा में अपना जवाब देंगे। राज्यसभा में प्रश्नकाल में गृहमंत्रालय के कामकाज और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सवालों पर गृहमंत्रालय की तरफ से जवाब आएगा।