पश्चिम बंगाल में डेंगू तथा अज्ञात बुखार का कहर जारी है। रोज हजारों लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। डेंगू तथा अज्ञात बुखार रोज नए नए इलाकों में फैल रहा है। आज सुबह उत्तर 24 परगना में एक महिला की डेंगू से मौत हो गई। हावड़ा स्टेशन में रेल पटरी के बीच जमे पानी में मच्छर का लार्वा मिलने से हड़कंप मच गया। 
राज्य में डेंगू से आए दिन होने वाली मौतों की खबर के बीच हावड़ा स्टेशन में रेल पटरी के बीच जमे पानी में मच्छर का लार्वा मिलने से हड़कंप मच गया। डेंगू की आशंका के चलते हरकत में आए रेल प्रशासन ने जमे पानी की निकासी की व्यवस्था कराने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराना शुरू कर दिया है। हालांकि लार्वा की जांच के बाद ही मच्छर की प्रजाति का पता चल पाएगा।
बता दें कि हावड़ा स्टेशन के ओल्ड काम्प्लेक्स स्थित प्लेटफार्म 14 और 15 में ट्रैक में कंक्रीट का काम चल रहा है। इस वजह से काफी दिनों से पटरियों के बीच पानी जमा हुआ है। यहां तक की प्लेटफार्म को धोया जाने वाला पानी भी वहीं जाकर जमने लगा है। स्टेशन प्रशासन द्वारा पानी की निकासी को लेकर लापरवाही बरतने के कारण जमे पानी में मच्छरों का जमघट होने लगा। जबकि प्रतिदिन लाखों यात्रियों का स्टेशन पर आवागमन रहता है। करीब माहभर पूर्व सफाई व्यवस्था को लेकर एक जनहित याचिका भी दायर की गई थी जिसमें राष्ट्रीय पर्यावरण न्यायालय ने रेल प्रशासन से जवाब मांगा था।
सूत्रों के अनुसार ट्रैक के बीच जमे पानी में मच्छर का लार्वा मिलने की घटना ने रेल प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि लार्वा आम मच्छर का है या डेंगू का। इसके बावजूद एहतियातन स्टेशन प्रशासन ने स्टेशन परिसर एवं ट्रैक में पानी नहीं जमने देने के लिए निकासी व्यवस्था का काम शुरू कर दिया है। मच्छरों से किसी प्रकार से यात्रियों को परेशानी नहीं हो इसके लिए ब्लीचिंग पाउडर और दवा का छिड़काव शुरू करा दिया गया है। 
ट्रैक पर काम चलने के कारण थोड़ा बहुत पानी जम जाता है। मच्छर का लार्वा मिलने की सूचना के बाद संबंधित विभाग को सतर्क किया गया है। पानी जम नहीं पाए इसकी व्यवस्था की जा रही है। यात्रियों को मच्छरों का प्रकोप नहीं झेलना पड़े इसके लिए ब्लीचिंग पाउडर और दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
 वीके सिंह
वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक