पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में 26 फरवरी की तड़के मिराज-2000 विमानों से बमबारी की थी। इसके बाद अपेक्षित था कि पाकिस्तान की तरफ से जवाबी कार्रवाई या हवाई हमला हो सकता है। इसके मद्देनज़र भारतीय वायुसेना चौकस थी।

और, ऐसा ही हुआ। 27 फरवरी की सुबह जैसे ही भारत ने अपनी सीमा की तरफ बढ़ते पाकिस्तानी विमानों का बेड़ा देखा, तुरंत 6 लड़ाकू विमान हवा में भेजे गए, ताकि पाकिस्तान को भारतीय सीमा में घुसने से रोका जा सके। विंग कमांडर अभिनंदन भी इनमें से एक विमान मिग-21 लेकर हवा में थे।

जैसे ही पाकिस्तान का एक विमान भारत के जम्मू-कश्मीर के राजौरी के सुंदरबनी में घुसा, विंग कमांडर अभिनंदन ने उसका पीछा किया। उन्होंने इस एफ-16 विमान को निशाने पर ले लिया और मिग-21 में लगी मिसाइल आर-73 से उसपर निशाना साधा। उन्होंने बेस पर कंट्रोल रूम के लिए अपना आखिरी संदेश भेजा, "आर-73 सिलेक्टेड"

विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने मिग-21 से एफ-16 पर हवा से हवा में मार करने वाली वाइमपेल आर-73 मिसाइल दाग दी। लेकिन इसी बीच एफ-16 ने भी उनके विमान पर हमला कर दिया। करीब 15 मिनट के इस युद्ध में एफ-16 आर-73 का निशाना बनकर ढेर हो गया, लेकिन विंग कमांडर अभिनंदन के मिग-21 में भी आग लग गई। इस पर अभिनंदन ने खुद को इजेक्ट किया और दुर्भाग्यवश पाकिस्तानी सीमा में जा गिरे।

हालांकि पाकिस्तान दावा कर रहा है कि उसका कोई विमान नहीं गिरा और उसने एफ-16 का इस्तेमाल नहीं किया था। लेकिन वायुसेना का कहना है कि उन्होंने अपने रडार पर एफ-16 के इलेक्ट्रानिक सिग्नेचर देखे हैं।