बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपने दो दिन के दौरे पर 4 और 5 जुलाई को उत्तर प्रदेश में थे. साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उनका यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. अपने इस दौरे पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य के वर्तमान के सांसदों के काम-काज और उनकी छवि को लेकर यूपी के विस्तारकों, पन्ना प्रमुखों के अलावा संगठन और संघ के पदाधिकारियों के साथ गुफ्तगू की.इसके बाद खबर निकलकर आ रही है कि यूपी के 35 से 50 सांसदों की निगेटिव रिपोर्ट मिली है. इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग 50 सांसदों का टिकट आने वाले लोकसभा चुनाव में कट सकता है.खबर है कि कानपुर-बुंदलेखंड के 9 सांसदों में 6 के टिकट कटने लगभग तय हैं. इनकी जगह नए उम्मीदवारों की खोज आरएसएस और पदाधिकारियों ने करनी शुरू भी कर दी है. ऐसे में तय माना जा रहा है कि यूपी की 80 सीटों में से कम से कम 50 सांसदों के टिकट कटेंगे. यह वर्तमान सांसद संगठन में काम करेंगे. कुछ पिछड़े और दलित सांसद भी हैं, जो भाजपा के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक चुके हैं.सूत्र बताते हैं कि कुछ दलित भाजपा सांसद टिकट कटने की जानकारी मिलते ही बसपा के बड़े नेताओं के संपर्क में है और किसी भी वक्त पार्टी छोड़कर मायावती के साथ जा सकते हैं.