नई दिल्ली। आयकर विभाग ने 2017-18 वित्त वर्ष में आयकर भरने के लिए फॉर्म 1 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। ऐसे में जो लोग सैलरी पाते हैं और उन्होंने अपना आईटीआर नहीं भरा है वह आईटीआर को भर सकते हैं। इस फॉर्म को भरकर अब कर्मचारी अपने आईटीआर को आसानी से भर सकते हैं। इस बार लोगों को आईटीआर भरते समय सैलरी का ब्रेक अप और हाउस प्रॉपर्टी की जानकारी भी देनी होगी।

यह जानकारी देनी होगी

अगर आपको यह फॉर्म भरना है तो फॉर्म 16 के जरिए बेहद आसानी से आप इसे भर सकते हैं। इस फॉर्म में कर्मचारी से संबंधित सभी जानकारी दर्ज होती है, जिसे फॉर्म में ऑनलाइन भरा जा सकता है। आईटीआर के फॉर्म 1 में आपको सैलरी के अलावा भत्ते, उपरी लाभ और अन्य सभी लाभ को छोड़कर जो छूट मिलती है उसकी जानकारी देनी होगी। साथ ही जो राशि छूट के दायरे में नहीं होती है उसकी भी आपको जानकारी देनी होगी। जिस राशि पर आप आईटी एक्ट 1961 के सेक्शन 16 के तहत छूट हासिल कर रहे हैं उसकी भी आपको जानकारी देनी होगी।

किराए की भी जानकारी देनी होगी

जो लोग किराए द्वारा कमाई करते हैं उन्हें अपनी प्रॉपर्टी पर मिलने वाले लाभ पर भी टैक्स देना होगा। इस जानकारी को सेक्शन 24 के तहत देनी होगी। एनुअल वैल्यू पर आप 30 फीसदी डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। हालांकि इसका हाउस मेंटेनेंस, बिजली के बिल से कोई लेना देना नहीं होता है। अगर आपकी ऐनुअल वैल्यू शून्य है तो होम लोन पर चुकाए गए ब्याज पर ही डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

सैलरी ब्रेकअप की जानकारी देनी होगी

आईटीआर भरते समय नौकरी करने वाले लोगों को सैलरी ब्रेकअप की भी जानकारी देनी होगी। साथ ही कर देने वालों को अपने घर की संपत्ति व अचल संपत्ति की भी जानकारी देनी होगी। इससे पहले लोगों को सिर्फ अचल संपत्ति की जानकारी देनी होती थी, लेकिन अब उन्हें अपने घर की भी जानकारी देनी होगी। अगर आप किराए पर रहते हैं तो होम लोन पर कितना ब्याज देते हैं या कितना किराया देते हैं उसकी भी जानकारी देनी होगी।

यह जानकारी देनी होगी

अगर आपको यह फॉर्म भरना है तो फॉर्म 16 के जरिए बेहद आसानी से आप इसे भर सकते हैं। इस फॉर्म में कर्मचारी से संबंधित सभी जानकारी दर्ज होती है, जिसे फॉर्म में ऑनलाइन भरा जा सकता है। आईटीआर के फॉर्म 1 में आपको सैलरी के अलावा भत्ते, उपरी लाभ और अन्य सभी लाभ को छोड़कर जो छूट मिलती है उसकी जानकारी देनी होगी। साथ ही जो राशि छूट के दायरे में नहीं होती है उसकी भी आपको जानकारी देनी होगी। जिस राशि पर आप आईटी एक्ट 1961 के सेक्शन 16 के तहत छूट हासिल कर रहे हैं उसकी भी आपको जानकारी देनी होगी।

किराए की भी जानकारी देनी होगी

जो लोग किराए द्वारा कमाई करते हैं उन्हें अपनी प्रॉपर्टी पर मिलने वाले लाभ पर भी टैक्स देना होगा। इस जानकारी को सेक्शन 24 के तहत देनी होगी। एनुअल वैल्यू पर आप 30 फीसदी डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। हालांकि इसका हाउस मेंटेनेंस, बिजली के बिल से कोई लेना देना नहीं होता है। अगर आपकी ऐनुअल वैल्यू शून्य है तो होम लोन पर चुकाए गए ब्याज पर ही डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।
 

सैलरी ब्रेकअप की जानकारी देनी होगी

आईटीआर भरते समय नौकरी करने वाले लोगों को सैलरी ब्रेकअप की भी जानकारी देनी होगी। साथ ही कर देने वालों को अपने घर की संपत्ति व अचल संपत्ति की भी जानकारी देनी होगी। इससे पहले लोगों को सिर्फ अचल संपत्ति की जानकारी देनी होती थी, लेकिन अब उन्हें अपने घर की भी जानकारी देनी होगी। अगर आप किराए पर रहते हैं तो होम लोन पर कितना ब्याज देते हैं या कितना किराया देते हैं उसकी भी जानकारी देनी होगी।