कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित टाटपट्टी बाखल इलाके में कोरोना संदिग्ध की स्क्रीनिंग करने गई डॉक्टरों की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था। इस हमले में डॉक्टरों की टीम ने किसी तरह से भागकर अपनी जान बचाई थी। इस दौरान टीम पर पत्थरबाजी और डंडे से हमला किया गया था और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। अब इसी टाटपट्टी बाखल इलाके से कोरोना के 10 पॉजिटिव मामले मिले हैं।

16 नए मामलों में से 10 इंदौर के

राज्य के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से देर रात जो बुलेटिन जारी किया गया है उसके मुताबिक 3 और 4 अप्रैल को जो सैंपल भेजे गए थे उनमें से 16 पॉजिटिव निकले हैं। गौर करने वाली बात ये है कि इसमें से 10 तो उस टाटपट्टी इलाके से हैं जहां स्वास्थ्य कर्मियों पर पत्थरबाजी और हमला हुआ था। इनमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। कोविड 19 पॉजिटिव पाए गए लोगों की उम्र 29 से लेकर 60 साल के बीच की है।

सीएम ने की थी आलोचना

स्वास्थ्य कर्मियों के दल पर पथराव की घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरी नाराजगी जतायी था।शिवराज ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'इंदौर में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। इस घटना में शामिल सभी अराजक तत्वों को हर्गिज बख्शा नहीं जायेगा। सूबे में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम में लगे सभी स्वास्थ्य कर्मी पीड़ित मानवता को बचाने का काम कर रहे हैं। इन कर्मियों के काम में अगर कोई भी व्यक्ति बाधा डालेगा, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।'

जमकर हुई थी आलोचना

दरअसल स्वास्थ्य विभाग से पांच सदस्यीय एक टीम कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित एक मरीज के रिश्तेदारों और परिचितों को पृथक करने के लिए इंदौर के टाटपट्टी बाखल गई थी कि इसी दौरान उपद्रवी भीड़ ने उन पर पत्थरों से हमला किया जिसमें दो महिला डॉक्टर घायल हो गई थी। इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। दोनों घायल महिला डॉक्टरों के नाम तृप्ति और रजिया हैं। खेल से लेकर फिल्मजगत तमाम लोगों ने इस घटना की जमकर आलोचना की थी।