'हफपोस्ट इंडिया' की रिपोर्ट में बताया गया है कि एक पैच, जिसे यूनिक आइडेंटिफिकेशन ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) द्वारा डेवलप नहीं किया गया है, इसकी मदद से कथित तौर पर हैकर्स आधिकारिक आधार एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर के सिक्योरिटी फीचर को बंद कर अनाधिकृत आधार नंबर जेनरेट कर रहे हैं.
                              इस पर UIDAI ने एक बयान जारी करते हुए आधार सॉफ्वेयर हैक हो जाने की खबर को बेबुनियाद कहा है. कुछ लोग जानबूझकर लोगों के मन में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. UIDAI ने कहा है कि किसी भी डेटा को डिस्क में सेव करने से पहले जरूरी सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखा जाता है.UIDAI ने आगे स्पष्ट किया कि कोई भी ऑपरेटर आधार बना या अपडेट नहीं कर सकता है. जब तक कोई निवासी स्वयं अपनी बॉयोमेट्रिक डिटेल उसे ना दे दे.