राज्य सरकार ने राज्य में इन्फ्लूएंजा रोग के 92 हजार मरीजों की पहचान की है। इसके साथ ही सांस रोग के 870 मामलों की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनजर ये मामले शुरुआती चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि ये परिणाम उनकी सरकार द्वारा बीते एक महीने से अधिक समय में किए गए घर-घर निगरानी के प्रयासों का नतीजा है। जिसमें 5.5 करोड़ से अधिक घरों में जांच की गई है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि यह वायरस खत्म नहीं हो जाता।दरअसल सीएम ममता ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि पिछले एक महीने से अधिक समय से घर-घर जांच का एक गहन अभियान छेड़ रखा है जिसमें श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी (एसएआरआइ) तथा इंफ्लूएंजा जैसी बीमारी (आइएलआइ) के मामलों की पहचान की जा रही है। इसमें 7 अप्रैल से 3 मई के बीच 5.57 करोड़ से अधिक घरों का दौरा किया गया और एसएआरआइ से पीडि़त 872 लोग तथा आइएलआइ से पीडि़त लोगों के 91,515 मामले सामने आए। उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सलाह दी गई है। यह अभियान विशेष तौर पर प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता चला रहे हैं। इस अवधि में 375 लोगों को राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती करवाया गया, उनमें से 62 कोरोना वायरस से संक्रमित मिले