औरैया हादसा:प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे को मिली मंजूरी

कोरोना वायरस की दोहरी मार झेल रहे प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंचने के दौरान सड़क हादसे का भी शिकार हो रहे हैं। शनिवार सुबह उत्तर प्रदेश के औरैया में हुए एक भीषण सड़क हादसे में 24 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई है वही, 37 लोग घायल हुई हैं। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करते हुए शोक व्यक्त किया था और मजदूरों से पैदल पलायन ना करने की अपील की थी। हादसे के बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की राशि को मंजूरी दे दी गई है।प्रधानमंत्री कार्यालाय की तरफ से किए गए एक ट्वीट में बताया गया कि उत्तर प्रदेश के औरैया में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना के कारण अपनी जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए प्रत्येक परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से स्वीकृत की गई है। घायलों के लिए 50,000 रुपये की मंजूर भी दी गई है। बता दें कि हादसे के बाद सीएम योगी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा और मथुरा बॉर्डर के संबंधित थानाध्यक्षों को निलंबित करने का आदेश दिया है।

 

 

औरैया हादसे में मारे गए बंगाल (पुरुलिया जा रहे मजदूरों की मौत)के लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देगी बंगाल सरकार

पश्चिम बंगाल सरकार ने उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क हादसे में मारे गये बंगाल के लोगों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है। राज्य के गृह विभाग की ओर से इस संबंध में ट्वीट किया गया है।बंगाल सरकार की ओर से मृत श्रमिकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। मरने वालों में चार बंगाल के भी श्रमिक बताए जा रहे हैं। इस हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने शोक व्यक्त किया है। ममता ने ट्वीट कर कहा, 'औरैया में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बारे में सुनकर बेहद दुख हुआ। प्रवासी भाई-बहनों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं, जिन्होंने अपना जीवन खो दिया है। उनकी आत्मा को शांति मिले। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'उल्लेखनीय है कि शनिवार तड़के 3:30 बजे उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में हाईवे पर एक ट्रक ने दूसरे टक्कर को टक्कर मार दी जिसमें 24 मजदूरों की मौत हो गई जबकि 35 लोग जख्मी हो गए है। 

 

ओरैया हादसे के लिए तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार

उत्तर प्रदेश के ओरैया में शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में 24 प्रवासी श्रमिकों की मौत पर राजनीति शुरू हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने शनिवार को ट्वीट करके कहा कि केंद्र की अभिमानी और असंवेदनशील सरकार के कारण प्रवासी श्रमिकों को अपना जीवन गंवाना पड़ रहा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'यह बहुत दुखद है कि एक अभिमानी और असंवेदनशील केंद्र सरकार के कारण लॉकडाउन में अपने घरों को लौटने को मजबूर प्रवासी श्रमिकों को अपना जीवन गंवाना पड़ रहा है।

 

प्रवासी श्रमिकों का ट्रेन से आने का पूरा खर्च उठाएगी बंगाल सरकारः ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि दूसरे राज्यों से ट्रेन के जरिए बंगाल आने वाले प्रवासी मजदूरों का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, प्रवासी मजदूरों को जिस प्रकार से कठिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा रहा है, मैं उनके जज्बे को सलाम करती हूं। मुझे अन्य राज्यों से स्पेशल ट्रेनों द्वारा पश्चिम बंगाल पहुंच रहे प्रवासी कामगारों का पूरा खर्च वहन करने इस फैसले की घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है।

 

अधीरदा का चीन को 'जहरीला सांप' बताने पर नाराज़ हुई कांग्रेस,बयान से झाड़ा पल्ला तो अधीर दा ने  डिलीट किया ट्वीट। 

संसद के भीतर और बाहर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले लोकसभा में कांग्रेस सांसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी के सुर इन दिनों बदले-बदले नजर आ रहे हैं। उनके बदले सुर से शायद कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व परेशान है। यही वजह है कि जब बंगाल के सांसद अधीर चौधरी ने चीन को लेकर ट्विटर पर कुछ लिखा तो कांग्रेस नेतृत्व को यह बात रास नहीं आई और तत्काल कांग्रेस नेतृत्व ने उनके इस बयान से पल्ला झाड़ लिया। विवाद को बढ़ता देख अधीर रंजन चौधरी  ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। अधीर रंजन चौधरी ने पिछले हफ्ते उत्‍तरी लद्दाख और सिक्किम में भारतीय सैनिकों के साथ चीनी सैनिकों की हुई झड़प के बाद विवादित बयान देते हुए चीन को 'जहरीला सांप' बता दिया। उन्‍होंने ड्रैगन को चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय सेना जहर उतारने में माहिर है। उन्‍होंने ट्वीट कर पीएम मोदी को सलाह देते हुए कहा कि केंद्र तुरंत ताइवान से राजनयिक संपर्क बनाए, ताकि चीन को सबक सिखाया जा सके। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से ताइवान को संप्रभु देश की मान्‍यता देनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने अधीर के बयान के बाद खुद को अलग कर लिया। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि अधीर रंजन का बयान उनकी निजी राय है। यह कांग्रेस पार्टी की राय नहीं है।

 

एनआरएस अस्पताल में तीन प्रसूताएं हुईं कोरोना से संक्रमित

महानगर के नीलरतन सरकार (एनआरएस) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तीन प्रसूताओं के कोरोना संक्रमित होने का मामला सामने आया है।  तीनों को उनके नवजात शिशुओं के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। गौरतलब है कि एनआरएस में महीनेभर पहले एक गर्भवती कोरोना संक्रमित पाई गई थी। उस समय अस्पताल के स्त्री रोग और प्रसूति विभाग को कीटाणुरहित करने के लिए कई दिनों तक बंद रखा गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने तब गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। उन्होंने सभी गर्भवतियों के कोरोना परीक्षण का भी फैसला किया था।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अस्पताल में इंटाली,बहूबाजार और टेंगरा इलाके की तीन गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया गया था। कोरोना की जांच रिपोर्ट आने से पहले उन्होंने शिशु को जन्म दिया था। उन तीनों की कोरोन जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद शनिवार सुबह तीनों को उनके बच्चों के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया। तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है और नवजात शिशु भी स्वस्थ हैं। एनआरएस अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ द्विपायन बिश्वास ने कहा-'अस्पताल में सभी प्रकार की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों को घबराने की जरुरत नहीं है। हम मरीजों को हर तरह की चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।'गौरतलब है कि बंगाल में लगभग 200 डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण से दो डॉक्टरों की मौत भी हो चुकी है।

 

 

कोलकाता मेडिकल कॉलेज का एक और स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित

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कॉलेज स्क्वायर स्थित कोलकाता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ग्रुप डी क्वार्टर में रहने वाला एक और स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित पाया गया है. अस्पताल सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह शख्स अस्पताल के इडेन बिल्डिंग स्थित प्रसूति विभाग में कार्यरत है. उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में ही भर्ती किया गया है, जबकि परिवार के सदस्यों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है. ज्ञात हो कि मेडिकल कॉलेज के ग्रुपडी क्वार्टर में  अब तक 8 लोग संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से सात स्वास्थ्यकर्मी स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं.