मोदी सरकार में राज्य मंत्री और पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट से सांसद देबाश्री चौधरी  ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश से जोड़ना चाहतीं हैं. यही वजह है कि वह पश्चिम बंगाल को इस्लामिक स्टेट बनाने में जुटीं हैं.

केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की तुष्टीकरण की नीतियों के चलते पश्चिम बंगाल बारूद के ढेर पर खड़ा हो गया है. 2019 में पहली बार सांसद बनते ही मोदी सरकार में मंत्री बनने वालीं देबाश्री चौधरी की गिनती पश्चिम बंगाल की कद्दावर नेताओं में होती है. राज्य में तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ वह हमेशा से मुखर रहीं हैं. पश्चिम बंगाल के मौजूदा हालात पर उन्होंने खुलकर चर्चा की.

केंद्रीय महिला और विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टीकरण की सीमा पार करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “अगर पश्चिम बंगाल को नहीं बचाया गया तो ममता दीदी उसे बांग्लादेश से जोड़ देंगी. एक साजिश के तहत रोहिंग्या, बांग्लादेशियों और जेहादियों को राज्य में पाला-पोसा जा रहा है. कश्मीर से लेकर वर्मा तक से देशविरोधी तत्वों को ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार राज्य में पनाह दे रही है. वह पश्चिम बंगाल को ‘पश्चिम बांग्लादेश’ बनाकर बांग्लादेश से जोड़ना चाहतीं हैं.”

पश्चिम बंगाल के हुगली जि़ले के तेलिनीपाड़ा इलाके में फैली हिंसा को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने ममता बनर्जी सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा, “जिस तरह से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के घर और मंदिर जलाए जाते हैं, उसी तरह से आज ममता दीदी के शासनकाल में पश्चिम बंगाल में बहुसंख्यकों के घर और दुकानें जलाईं जा रहीं. पुलिस मूकदर्शक बनी है. क्योंकि पुलिस को चुपचाप तमाशा देखने के लिए कहा गया है. पश्चिम बंगाल में दमन कर हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश हो रही है.”

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि चुनावी फायदे के लिए भाजपा राज्य में हिंसा फैला रही है? यह पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री देबाश्री चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी का आरोप गलत है.

देबाश्री चौधरी ने कहा, “उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, आखिर कहां-कहां दंगे और हिंसा की घटनाएं हो रहीं हैं. सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही क्यों हिंसक घटनाएं हो रहीं हैं. मैं बताना चाहती हूं कि भाजपा को 2011 के विधानसभा चुनाव में 11 प्रतिशत वोट मिले थे और 2016 में भी करीब 12 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इतने कम वोट प्रतिशत वाली पार्टी क्या राज्य में हिंसा करा सकती है?

केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने पश्चिम बंगाल सरकार को कोरोना से निपटने में विफल बताया. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमितों के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं. केंद्र सरकार से जब दो टीमें भेजीं गईं, तब जाकर राज्य में अधिक लोगों की टेस्टिंग शुरू हुई. जिससे अधिक लोगों के संक्रमित होने का मामला सामने आया  है.

देबाश्री चौधरी ने कहा कि 2011 से राज्य की सत्ता में मौजूद तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) सरकार ने अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने में ध्यान नहीं दिया. जिससे कोरोना संक्रमितों का इलाज ठीक से नहीं हो पा रहा है. अस्पतालों के नाम पर केवल भवन दिखते हैं, उसमें सुविधाएं नहीं हैं. राज्य के लोगों को इलाज के लिए दक्षिण भारत के राज्यों में जाने की जरूरत पड़ती है.

देबाश्री चौधरी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में एक दिन में डेढ़ सौ लाशें दफनाने की बात सामने आ चुकी है. इससे स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. कोरोना से मरने वालों की मौत को दूसरी बीमारियों से होना बताकर सरकार नाकामी को छुपाने में जुटी है. कोरोना (Coronavirus) से मरने वालों का पुलिस चोरी-छिपे अंतिम संस्कार करा देती है. अस्पतालों में पीपीई किट के अभाव में डॉक्टर और नर्स डर के साये में इलाज करने को मजबूर हैं. राज्य में क्वारंटीन सेंटर ही नहीं हैं. हमारे चुनावी क्षेत्र रायगंज में कुछ प्रवासी मजदूर बाहर से आए थे,तो प्रशासन ने व्यवस्था न होने की बात कहकर घर भेज दिया.”

देबाश्री चौधरी ने कहा कि इन सब मुद्दे को लेकर भाजपा लगातार आंदोलन कर रहा है. जनता भी ममता बनर्जी सरकार के कुशासन से परेशान होकर बदलाव चाहती है.

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