नई दिल्ली.: देश भर में जारी कोरोना संकट से निपटने के लिए लॉकडाउन लागू किया गया है। लॉकडाउन के तीसरे चरण की मियाद 17 मई को पूरी हो रही है। जिसके बाद सरकार लॉकडाउन 4.0 की तैयारी है। हालांकि इस बार उम्मीद की जा रही है कि सरकार बड़ी राहत दे सकती है। इसमें सरकार कई गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत दी जा सकती है। जिसका इशारा खुद पीएम मोदी कर चुके हैं। हालांकि, इसमें भी स्कूल, कॉलेज, मॉल और सिनेमाघर खोलने की इजाजत नहीं होगी, कुछ इलाकों में शैलून खोलने की इजाजत मिल सकती है। साथ ही गैर-जरूरी सामानों की डिलीवरी भी शुरू हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार सरकार किन राज्यों में क्या-क्या छूट दे सकती है।

 

 

सीएम केजरीवाल चाहते हैं इकनॉमिक एक्टिविटी हो शुरू :-

 

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि उन्हें दिल्ली के लोगों की तरफ से फीडबैक मिला है। उनके आधार पर केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के लोग चाहते हैं कि संक्रमण जोन में भी कुछ इकनॉमिक एक्टिविटी शुरू हों। उन्होंने कहा कि दिल्ली से कुछ प्रतिबंध हटाने चाहिए, जिसके सभी इलाकों को रेड जोन में रखा गया है। दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 8895 हो गई है। जबकि अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है।

केरल चाहता है पर्यटन शुरू हो। 

 

केरल की सरकार ने केंद्र सरकार को दिए अपने सुझाव में मांग किया है कि यह पर्यटन को शुरू किया जाए। यह एक ऐसा राज्य है, जिसकी सबसे अधिक आय पर्यटन से होती है। राज्य ने मांग की है कि लॉकडाउन 4.0 में मेट्रो सेवाएं, लोकल ट्रेनें, घरेलू उड़ानें, रेस्टोरेंट और होटल खुलने चाहिए। केरल में ही कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था और राज्य ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में बेहद अहम भूमिका निभाई है। यहां अब तक 577 मामले सामने आए थे, जिसमें से 493 लोग ठीक हो चुके हैं। राज्य में कोरोना वायरस से सिर्फ 4 लोगों की मौत हुई है। 

कर्नाटक में रेस्टोरेंट-होटल खोलना चाहती है सरकार:-

कर्नाटक सरकार ने लॉकडाउन 4.0 के लिए अपने सुझाव में कहा है कि कि राज्य में रेस्टोरेंट, होटल और जिम खुलने चाहिए। कर्नाटक में 959 एक्टिव मामले हैं और करीब 1518 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। बता दें कि पिछले ही हफ्ते राज्य सरकार ने पब और बार को शराब बेचने की इजाजत दी थी, लेकिन सिर्फ टेक अवे सिस्टम के तहत

आंध्र प्रदेश में पब्लिक एक्टिविटी शुरू करने का प्रस्ताव

आंध्र प्रदेश ने केंद्र को दिए अपने सुझाव में मांग किया है कि  नॉन-कंटेनमेंट जोन में सभी इकनॉमिक और पब्लिक एक्टिविटी शुरू की जाए। हालांकि गाइडलाइन गृहमंत्रालय जारी करेगा, अब देखना है कि राज्य सरकार की इस मांग पर कितना बल दिया जाता है। बता दें कि यहां अब तक 2100 से भी अधिक कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं और करीब 11,500 लोग क्वारंटीन में हैं।

 

 

तमिलनाडु में कंटेनमेंट जोन में भी खुलें दुकानें

राज्य ने कहा है कि कंटेनमेंट जोन में भी इकनॉमिक एक्टिविटी फिर से शुरू होनी चाहिए। हालांकि, राज्य में पिछले दिनों में कोरोना वायरस के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। एक सब्जी मार्केट से ही करीब 2600 मामले सामने आए हैं। राज्य में सोमवार से काफी बड़ी रियायतें दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है। साथ ही वर्किंग आवर बढ़ाने और फैक्ट्रियां खोले जाने की रियायत भी सोमवार से मिलेगी। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या

गुजरात में अरबन सेंटर्स में शुरू हो आर्थिक गतिविधियां

लॉकडाउन 4.0 में गुजरात सरकार चाहती है कि वहां के सभी अरबन सेंटर्स में सारी इकनॉमिक एक्टिविटी शुरू हों। हालांकि, अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे शहरों में बहुत सारे कोरोना मामले सामने आए हैं। सिर्फ अहदाबाद में ही गुजरात के 70 फीसदी मामले हैं। राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 9932 हो गई है। जबकि अब तक 606 लोगों की मौत हो चुकी है।

 

महाराष्ट्र में नियम शर्तों के साथ खुलेंगे उद्योग

कोरोना के संक्रमण से सबसे बुरा हाल महाराष्ट्र का है। सरकार ने कुछ नियम शर्तों के साथ उद्योगों को खोलने की इजाजत दी है। हालांकि, हालात बुरे होने की वजह से कुछ खास छूट नहीं मिल पाएगी। लॉकडाउन 4.0 में सरकार आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने की कोशिश में हैं। 

बिहार, झारखंड, ओडिशा चाहते हैं सबकुछ रहे पूरी तरह से बंद

लॉकडाउन 4.0 के लिए बिहार, झारखंड, ओडिशा का अलग ही प्लान है। यहां की सरकारें चाहती हैं कि सब कुछ पूरी तरह से बंद रहे, कोई रियायत ना दी जाए। इन राज्यों में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो घोषणा भी कर दी है कि वहां 31 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। हालांकि, जिलों के पास अधिकार होगा कि वह कुछ रियायतें दे सकें।

असम ने सब केंद्र पर छोड़

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि सख्त लॉकडाउन होना चाहिए, लेकिन ये भी साफ कर दिया है कि इस मामले में केंद्र जो भी फैसला करेगा उन्हें मंजूर होगा।

अब सिर्फ कंटेनमेंट एरिया तक ही सीमित होगी सख्ती?

 

 

देश में कहीं भी स्कूल, कॉलेज, मॉल और सिनेमा घरों को खोलने की इजाजत नहीं होगी लेकिन कोविड-19 कंटेनमेंट एरियाज को छोड़कर सैलून, नाई की दुकानें और चश्मों की दुकानों को रेड जोन में खोलने की मंजूरी दी जा सकती है। साथ ही, ई-कॉमर्स कंपनियों को कंटेनमेंट जोन को छोड़कर हर जगह गैर-जरूरी सामानों की डिलिवरी की अनुमति मिल सकती है।

गृह मंत्रालय जारी करेगा गाइडलाइंस

 

सरकार में बंद में छूट को लेकर चल रही बातचीत की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन 4 में पहले के चरणों की अपेक्षा लोगों को ज्यादा छूट मिलेगी और इस दौरान ग्रीन जोन को पूरी तरह खोल दिया जाएगा।अधिकारी ने बताया कि ऑरेंज जोन में बेहद कम बंदिश होगी जबकि रेड जोन के कंटेनमेंट एरियाज में ही सख्त पाबंदियां होंगी। हालांकि, अंतिम दिशा निर्देश राज्य सरकारों से मिले परामर्श का अध्ययन करने के बाद 

रेलवे और घरेलू उड़ानों पर धीरे-धीरे छूट

रेलवे और घरेलू उड़ानों के क्रमिक और आवश्यकता आधारित संचालन को अगले हफ्ते से मंजूरी मिलने की संभावना है लेकिन दोनों ही सेक्टरों के पूरी तरह खुलने की तत्काल संभावना नहीं है। सूत्रों के मुताबिक बिहार, तमिलनाडु, कर्नाटक उन राज्यों में शामिल थे जो नहीं चाहते हैं कि ट्रेन और हवाई सेवाओं को पूरी तरह बहाल किया जाए, कम से कम मई के अंत तक को नहीं ही।लय की ओर से जारी किये जाएंगे। राज्य सरकारों और केंद्र शासित के प्रशासकों से शुक्रवार तक अपनी सिफारिशें देने को कहा गया था।

ऑटो रिक्शा और टैक्सी सर्विस हो सकती है शुरू

 

रेलवे दिल्ली से 15 स्थानों के लिये पहले ही विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू कर चुका है और इसके अलावा बंद की वजह से देश के अलग-अलग इलाकों में फंसे प्रवासी कामगारों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए सैकड़ों 'श्रमिक विशेष' ट्रेनों का भी संचालन किया जा रहा है। वहीं, एअर इंडिया भी 'वंदे भारत मिशन' के तहत बंद की वजह से विदेश में फंसे हजारों भारतीयों की वापसी के लिए अभियान में जुटा है। स्थानीय ट्रेन, बस और मेट्रो सेवा का रेड जोन के नॉन-कंटेनमेंट एरियाज क्षेत्रों में सीमित क्षमता में परिचालन शुरू हो सकता है। रेड जोन में ऑटो और टैक्सियों को भी यात्रियों की सीमित संख्या के साथ संचालन की इजाजत मिल सकती है।

ऑड-ईवन पॉलिसी से खुलेंगी बाकी दुकानें?

 

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि इनमें से अधिकतर सेवाओं की जिले के नॉन-कंटेनमेंट जोन में ही इजाजत होगी और राज्य सरकार इन्हें फिर से खोलने पर फैसला कर सकती हैं। ऑरेंज और रेड जोन में बाजार को खोलने का अधिकार राज्य सरकारों को दिया जा सकता है जो गैर-जरूरी वस्तुओं की दुकानों को खोलने के लिए ऑड-ईवन नीति अपना सकती हैं। रेड जोन में कंटेनमेंट एरियाज को छोड़कर गैर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को इजाजत दी जा सकती है। ग्रीन और ऑरेंज जोन में पहले ही ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से गैर-जरूरी वस्तुओं की बिक्री की इजाजत है।

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