जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस के भीतर हुई हिंसा के विरोध में मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन में फ्री कश्मीर का पोस्टर दिखाई दिया है. इसके बाद से बवाल मच गया है, वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने फ्री कश्मीर यानी देशद्रोही पोस्टर लहराने वाले का बचाव किया है।संजय राउत ने कहा की, मैंने अखबारों में पढ़ा की, जो फ्री कश्मीर का पोस्टर लहरा रहे थे उनका मकसद कश्मीर की आजादी नहीं बल्कि कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं, मोबाइल सेवाओं और अन्य मुद्दों पर लगे प्रतिबंध से हटाना चाहते हैं। इसके अलावा संजय राउत ने कहा, अगर कोई भारत से कश्मीर की आजादी की बात करता है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।संजय राउत तो यह कहकर बड़ी आसानी से निकल गए की फ्री कश्मीर पोस्टर का मकसद कश्मीर में इंटरनेट, मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबन्ध हटाना था। अब आप खुद ही सोंच लीजिये की अगर फ्री कश्मीर का पोस्टर लहराने वाले इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर लगा प्रतिबन्ध हटाना चाहते तो पोस्टर में इंटरनेट भी लिख देते, लेकिन नहीं लिखा। पोस्टर इतना छोटा भी  नहीं था की उसमें इंटरनेट न लिखा जा सके। बवाल बढ़ने के बाद संजय राउत ने मनगढंत कहानी बनाकर देशद्रोही पोस्टर लहराने वालों का बचाव का बचाव किया है, आपकी जानकारी के लिए बता दें की मोदी सरकार ने नए साल पर ही कश्मीर में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर लगे बैन को हटा दिया था।