श्रीहरिकोटा। इंडियन स्‍पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) अब जो भी रॉकेट लॉन्‍च करेगा, आप उसकी लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में रॉकेट लॉन्‍च कॉम्‍प्‍लेक्‍स से लाइव देख सकेंगे। इसरो ने पहली बार रॉकेट लॉन्‍च कॉम्‍प्‍लेक्‍स को आम जनता के लिए खोला है। चेन्‍नई से करीब 105 किलोमीटर दूर स्थित श्रीहरिकोटा देश की उस जगह में तब्‍दील हो गया है जहां पर कई एतिहासिक मौकों ने जन्‍म लिया है। अभी तक‍ रॉकेट लॉन्‍च को लाइव देखने की सुविधा सिर्फ ऑफिसर्स और अधिकृत लोगों को ही थी।

एक सपने के सच होने जैसा

विशेषज्ञों के मुताबिक‍ जिस समय कोई रॉकेट लॉन्‍च होता है तो उसकी आवाज काफी तेज होती है। लॉन्चिंग के समय धुंआ छोड़ते हुए रॉकेट कहीं आसमान में गायब हो जाता है। यह नजारा सिर्फ कुछ ही मिनटों तक कायम रहता है लेकिन अपने सामने रॉकेट लॉन्‍च देखना वाकई किसी सपने के सच होने जैसा ही होगा। इसरो के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब आम लोगों को लाइव रॉकेट लॉन्चिंग देखने को मिल सकेगी।

 

नासा ने शुरू की थी पहल

वहीं, अमेरिका की स्‍पेस एजेंसी नासा ने हमेशा ही एक सुरक्षित दूरी से आम लोगों को रॉकेट लॉन्चिंग देखने की मंजूरी दी है। इसरो सूत्रों की ओर से बताया गया है कि रॉकेट लॉन्चिंग को लाइव देखने के लिए जरूरी सुरक्षा के सभी उपाय अपनाए गए हैं। लोगों को एक सुरक्षित और अधिकतम दूरी से रॉकेट लॉन्चिंग देखने का मौका मिलेगा। इसरो की ओर से नया स्‍टेडियम तैयार किया गया है जिसमें 5,000 लोगों के बैठने की क्षमता है।

 

वेबसाइट पर कराना होगा रजिस्‍ट्रेशन

इस स्‍टेडियम को श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्‍पेस सेंटर के अंदर बनाया गया है। एक वेबसाइट तैयार की गई है जहां पर विजिटर्स रजिस्‍ट्रेशन करा कर रॉकेट लॉन्चिंग देख सकते हैं। लॉन्चिंग लाइव देखने के लिए न्‍यूनतम उम्र सीमा 10 वर्ष है।इस रॉकेट लॉन्चिंग को देखने के लिए आपके पास सरकार की ओर से जारी एक फोटो आईडी प्रूफ होना चाहिए। इसरो ने बड़ी स्‍क्रीन भी इंस्‍टॉल की हैं जहां पर लोगों को लॉन्‍चर और सैटेलाइट्स के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

सिर्फ भारतीय नागरिकों को मिलेगा मौका

सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही रॉकेट लॉन्चिंग देखने की सुविधा मिलेगी। जल्‍द ही स्‍टेडियम की क्षमता को बढ़ाया जाएगा और फिर यहां पर 10,000 लोग बैठ सकेंगे। यह प्रोजेक्‍ट दरअसल एक स्‍पेस थीम पार्क के तहत है जो स्‍पेस सेंटर में बना है। इस पार्क में स्‍पेस म्‍यूजियम और भारतीय रॉकेट्स भी प्रदर्शन के लिए रखे जाएंगे। इसरो के चेयरमैन के सिवान हमेशा से चाहते हैं कि स्‍पेस टेक्‍नोलॉजी हर भारतीय के लिए हो। रॉकेट की लाइव लॉन्चिंग भी इसी का एक हिस्‍सा है।