इसरो 15 जुलाई को चंद्रयान अपना दूसरा मिशन चंद्रयान-2 लॉन्च करेगा, और इसे जिस रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा उसका नाम जीएसएलवी मार्क III है। इसकी खास बात यह है कि भारत का अबतक का सबसे भारी रॉकेट है। इस लॉन्च से पहले आईआईटी कानपुर ने मैपिंग जेनरेशन सॉफ्टवेयर को तैयार किया है जोकि चंद्रयान -2 की मैपिंग करेगा।इसे सॉफ्यवेयर के जरिए चंद्रयान 2 को चांद की सतह पर रास्ता दिखाया जाएगा। यही नहीं इस सॉफ्टवेयर की मदद से चंद्रयान 2 चांद पर पानी व खनिज की तलाश करेगा और इसकी तस्वीर सीधे इसरो को भेजने में मदद करेगा। यह सॉफ्टवेयर चंद्रयान के रूट को भी चांज पर तय करेगा, जिससे ना सिर्फ ऊर्जा की बचत होगी बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने में भी इस मिशन को मदद मिलेगी।