जदयू ने शरद यादव की सदस्यता खत्म कराने के लिए प्रयास तेज कर दिया है. राज्यसभा सांसद आरपीसी सिंह और पार्टी के महासचिव संजय झा ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलकात कर शरद यादव की राज्यसभा से सदस्यता करने की मांग की है. उपराष्ट्रपति को दिए ज्ञापन में बताया गया है कि कैसे शरद यादव ने स्वेच्छा से जदयू को त्याग चुके हैं. सभापति को शरद यादव के बागी तेवर से वाकिफ कराया गया. तमाम हालिया कारनामे बताए गए, जो जदयू के खिलाफ जाते हैं.जदयू नेताओं ने उपराष्ट्रपति को जोज्ञापन सौंपा हैं, उसमें बताया गया है कि बीजेपी के साथ जाने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था. विधानमंडल-संसदीय दल, राष्ट्रीय कार्यसमिति और राष्ट्रीय परिषद को इसकी समहमति थी. बिहार में महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार बनाने को लेकर शरद यादव पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नाराज चल रहे हैं. शरद यादव लगातार महागठबंधन की वकालत कर रहे हैं और वह महागठबंधन में शामिल पार्टियों के कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं. जदयू की तरफ से चेतावनी के बावजूद शरद यादव ने राजद की 'देश बचाओ- भाजपा भगाओ' रैली में हिस्सा लिया था.