दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मरकज से कोरोना के 24 मरीज मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। इसके बाद इससे जुडे 350 लोगों को राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अब दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि निजामुद्दीन मरकज मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। इसमें मौलाना साद के अलावा 5 और लोगों के नाम शामिल हैं। जिनके नाम हैं वो डॉ. जीशान, मुफ्ती शहजाद, एम सैफी, यूनुस और मोहम्मद सलमान हैं। पुलिस ने बताया कि मरकज को आज सुबह लगभग 3:30 बजे खाली कराया गया। यहां लगभग 2100 लोग थे। इस जगह को खाली करने में 5 दिन लगे।

पुलिस ने बताया कि निजामुद्दीन मरकज और इसके आसपास का इलाका दक्षिणी दिल्ली नगर निगम द्वारा सेनेटाइज किया जा रहा है। आपको बता दें कि निजामुद्दीन मरकज में एक धार्मिक सभा आयोजित की गई, जिसमें लॉकडाउन का उल्लंघन किया गया। यहां मौजूद कई लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि मरकज दिल्ली के चीफ मौलाना साद 28 तारीख से लापता हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित जगहों पर छापेमारी भी की जा रही है।

तबलीगी जमात को माफ नहीं किया जा सकता- मुख्तार अब्बास नकवी

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि तबलीगी जमात ने गुनाह किया है। इस तरह के आपराधिक कृत्य को माफ नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कई लोगों की जान खतरे में डाल दी है। ऐसे लोगों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जो सरकार के निर्देशों की अवहेलना करते हैं।