कोविड-19 वायरस की महामारी से लड़ाई में रेलवे राज्यों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए देश के विभिन्न राज्यों के 215 रेलवे स्टेशनों को कोरोना केयर सेंटर के लिए चिह्नित किया गया है। इन स्टेशनों पर कोरोना वार्ड में बदल दिए गए रेलवे कोचों को खड़ा किया जाएगा, जो हर तरह की सुविधा से लैस हैं। इनमें संक्रमण के संदिग्ध मरीजों को क्वारंटाइन करने और पॉजिटिव मरीजों के इलाज की व्यवस्था है।

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए चिह्नित इन स्टेशनों में से 85 को खुद रेलवे संचालित करेगा, जिसमें उसके डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात रहेंगे, जबकि बाकी 130 स्टेशनों को विभिन्न राज्यों को उनकी जरूरत के हिसाब से सौंप दिया जाएगा। इनमें मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों की तैनाती राज्यों को करनी होगी। इसके अलावा रेलवे राज्यों के संचालित कोरोना केयर सेंटर में खान-पान, जलापूर्ति, बिजली और सुरक्षा के बंदोबस्त करेगा।


स्वास्थ्य और रेल मंत्रालय की गाइडलाइन तैयार 

भारतीय रेल विभाग ने कोविड-19 की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए 2500 से अधिक डॉक्टर और 35 हजार से अधिक मेडिकल स्टाफ तैनात किया है, जबकि कोरोना से संक्रमित रोगियों के लिए अपने 52 हजार से ज्यादा कोरोना केयर कोच तैयार किये हैं। इन कोचों में चिकित्सीय सुविधाएं और हाउसकीपिंग के पूरी व्यवस्था की गई है। इसके लिए स्वास्थ्य और रेल मंत्रालय ने संयुक्त रूप से गाइड लाइन तैयार की है, जिसके तहत इन केयर सेंटरों का संचालन किया जाएगा।

स्टेशन पहले से ही जलापूर्ति और अन्य सुविधाओं से लैस

इसके मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य सरकारें इसके लिए रेलवे को अपनी जरूरत बताएंगी, जिसके आधार पर रेलवे पहले से चिह्नित स्टेशनों पर अपने तैयार किए गए कोचों को वहां लगाएगा। इसकी प्रशासनिक जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारी अथवा उसके नामित किसी अधिकारी को लेनी होगी। इन स्टेशनों को पहले से जलापूर्ति और अन्य सुविधाओं से लैस किया जा चुका है।

 

इन राज्यों को मिलेगी सुविधा

चिन्हित किए गए 215 रेलवे स्टेशनों में उत्तर प्रदेश के 22 और बिहार के 15 स्टेशनों को चिह्नित किया गया है। कुल 22 राज्यों के स्टेशनों को शामिल किया गया है। इनमें उत्तरी राज्यों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड प्रमुख हैं, जबकि दक्षिण के राज्यों में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना व केरल प्रमुख है। पश्चिमी राज्यों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात व गोवा के स्टेशन शामिल किए गए हैं। पूर्वी राज्यों में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिमी बंगाल, असम और त्रिपुरा के स्टेशन चिह्नित किए गए हैं। रेलवे सभी राज्यों के लिए अपने नोडल अफसर की भी सूची जारी कर दी है।